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UPSC से सम्बंधित सारी wonderful जानकारी एक जगह
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यूपीएससी (UPSC) क्या है?

यूपीएससी (UPSC) के बारे में बेसिक जानकारी :

यूपीएससी (UPSC) यानी संघ लोक सेवा आयोग, भारतीय संविधान के तहत संघीय स्तर पर भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने वाला एक संगठन है। यह आयोग भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय अर्थव्यवस्था सेवा (IES), भारतीय वन सेवा (IFS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), और अन्य ग्रुप ए और ग्रुप बी संघीय सरकारी नौकरियों की भर्ती करने के लिए लोक सेवा परीक्षाएं आयोजित करता है। UPSC का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। यूपीएससी की परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा वार्षिक रूप से आयोजित की जाती है।

UPSC क्या काम करता है?

UPSC के मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:
1. संघीय नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया की योजना और संचालन करना।
2. संघीय नौकरियों के लिए परीक्षाओं का आयोजन करना, जिसमें सहायता सामग्री, पाठ्यक्रम, प्रश्न पत्र तैयार करना और परिणाम घोषित करना शामिल होता है।
3. प्रशासनिक और वित्तीय संघीय सेवाओं के लिए उम्मीदवारों का चयन करना।
4. संघीय सरकारी नौकरियों के लिए लिखित परीक्षाओं, साक्षात्कार और व्यक्तित्व परीक्षण के माध्यम से उम्मीदवारों की योग्यता का मूल्यांकन करना।
5. संघीय सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन पत्र स्वीकृत करना और नौकरी से संबंधित मामलों की समीक्षा करना।

इस परीक्षा का पाठ्यक्रम विभाजित होता है और उम्मीदवारों को विभिन्न विषयों में परीक्षा देनी होती है, जिनमें समाजशास्त्र, इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, मानसिक अवस्था, अर्थशास्त्र, और सामान्य ज्ञान शामिल होते हैं।

यूपीएससी की परीक्षाएं साल में कितनी बार आयोजित की जाती हैं?

यूपीएससी की मुख्य परीक्षाएं साल में एक बार आयोजित की जाती हैं और इनमें तीन चरण होते हैं:

1. सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (Civil Services Preliminary Examination): यह परीक्षा आमतौर पर मई या जून महीने में आयोजित की जाती है। इसमें दो प्रश्न पत्र होते हैं – प्रथम प्रश्न पत्र जनरल स्टडीज (सामान्य अध्ययन) के लिए होता है और द्वितीय प्रश्न पत्र विडियोस (सामान्य अध्ययन) के लिए होता है। इस परीक्षा का प्रारंभिक चयनात्मक होता है और सफल उम्मीदवारों को अगली मुख्य परीक्षा के लिए पात्र घोषित किया जाता है।

2. सिविल सेवा मुख्य परीक्षा (Civil Services Main Examination): यह परीक्षा सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जाती है। इसमें नौ प्रश्न पत्र होते हैं, जिनमें सामान्य अध्ययन, वैज्ञानिक अध्ययन, विचारशीलता, निबंध आदि शामिल होते हैं।

3. व्यक्तिगतिक परीक्षा (Personality Test): सिविल सेवा मुख्य परीक्षा को पास करने वाले उम्मीदवारों को व्यक्तिगतिक परीक्षा के लिए बुलाया जाता है। इस परीक्षा में उम्मीदवारों की व्यक्तिगतिक क्षमताओं, ज्ञान, कौशल और व्यक्तिगत सामरिकता का मूल्यांकन किया जाता है।

यूपीएससी का सिलेबस क्या है?

यूपीएससी का सिलेबस इस प्रकार है –

प्रारंभिक परीक्षा (वस्तुनिष्ठ प्रकार):

पेपर I: सामान्य अध्ययन

1. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएँ
– राजनीति, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, खेल, कला और संस्कृति आदि जैसे क्षेत्रों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व के समाचार और कार्यक्रम।

2. भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन
– प्राचीन भारत
– मध्यकालीन भारत
– आधुनिक भारत
– भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन

3. भारतीय और विश्व भूगोल
– भारत और विश्व का भौतिक भूगोल
– भारत और विश्व का आर्थिक भूगोल
– भारत और विश्व का सामाजिक भूगोल
– पर्यावरण भूगोल

4. भारतीय राजनीति और शासन
– भारत का संविधान
– राजनीतिक प्रणाली
– पंचायती राज
– सार्वजनिक नीति
– अधिकार मुद्दे, आदि।

5. आर्थिक और सामाजिक विकास
– सतत विकास
– गरीबी, समावेशन और सामाजिक क्षेत्र की पहल
– जनसांख्यिकी
– सामाजिक क्षेत्र की पहल, आदि।

6. पर्यावरण पारिस्थितिकी, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन पर सामान्य मुद्दे
– पर्यावरण पारिस्थितिकी
– जैव-विविधता और इसका संरक्षण
– जलवायु परिवर्तन और इसका प्रभाव, आदि।

7. सामान्य विज्ञान
– भौतिक विज्ञान
– रसायन विज्ञान
– जीव विज्ञान
– प्रौद्योगिकी और दैनिक जीवन में इसके अनुप्रयोग

पेपर II: सिविल सेवा एप्टीट्यूड टेस्ट (CSAT)

1. समझ
– बोधगम्य गद्यांश और उन पर आधारित प्रश्न

2. संचार कौशल सहित पारस्परिक कौशल
– संचार कौशल
– भावात्मक बुद्धि
– पारस्परिक कौशल और प्रशासन में उनका महत्व

3. तार्किक तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता
– विश्लेषणात्मक तर्क कौशल
– तार्किक तर्क और समस्या को सुलझाने

4. निर्णय लेना और समस्या समाधान
– निर्णय लेने की तकनीक
– समस्या समाधान करने की कुशलताएं

5. सामान्य मानसिक क्षमता
– मूल संख्या (संख्या और उनके संबंध, परिमाण के क्रम, आदि)
– डेटा व्याख्या (चार्ट, ग्राफ़, टेबल, आदि)
– तार्किक तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता

मुख्य परीक्षा (वर्णनात्मक प्रकार):

मुख्य परीक्षा में 9 पेपर होते हैं, जिनमें से 7 को मेरिट रैंकिंग के लिए गिना जाता है। पाठ्यक्रम में निम्नलिखित विषय शामिल हैं:

1. निबंध
– उम्मीदवारों को दिए गए विषय पर एक निबंध लिखना आवश्यक है।

2. सामान्य अध्ययन पेपर- I:

खंड ए: भारतीय विरासत और संस्कृति
– भारत की कला और संस्कृति
– भारतीय इतिहास
– भारतीय समाज और विविधता

खंड बी: विश्व और समाज का इतिहास और भूगोल
– दुनिया के इतिहास
– स्वतंत्रता के बाद समेकन और पुनर्गठन
– भारतीय समाज की प्रमुख विशेषताएं
– भारत की विविधता

3. सामान्य अध्ययन पेपर- II:

अनुभाग ए: शासन
– भारतीय संविधान
– लोक प्रशासन
– सुशासन प्रथाओं

खंड बी: संविधान
– संघ और राज्यों के कार्य और उत्तरदायित्व
– लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका
– वैधानिक, नियामक और विभिन्न अर्ध-न्यायिक निकाय

अनुभाग सी: राजनीति
– भारतीय राजनीतिक व्यवस्था
– पंचायती राज
– अधिकार मुद्दे, आदि।

अनुभाग डी: सामाजिक न्याय
– सामाजिक सशक्तिकरण
– समावेश
– कल्याणकारी योजनाएं

4. सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-III:

खंड ए: प्रौद्योगिकी
– विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास
– उपलब्धियां और उनके अनुप्रयोग
– आईटी, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स, नैनोटेक्नोलॉजी आदि के क्षेत्र में जागरूकता।

अनुभाग बी: आर्थिक विकास
– भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना से संबंधित मुद्दे, संसाधन जुटाना, विकास, वगैरह।
– समावेशी विकास और इससे उत्पन्न होने वाले मुद्दे

धारा सी: जैव विविधता
– संरक्षण
– पर्यावरण प्रदूषण और गिरावट
– पर्यावरण प्रभाव आकलन

धारा डी: पर्यावरण
– सामान्य जागरूकता और पारिस्थितिक प्रभाव मूल्यांकन
– आपदा प्रबंधन

खंड ई: सुरक्षा और आपदा प्रबंधन
– विभिन्न सुरक्षा बल और एजेंसियां और उनके जनादेश
– आपदा प्रबंधन

5. सामान्य अध्ययन पेपर- IV:

खंड ए: नैतिकता
– नैतिकता और मानव इंटरफ़ेस
– नज़रिया
– भावात्मक बुद्धि

अनुभाग बी: अखंडता
– सिविल सेवा के लिए योग्यता और मूलभूत मूल्य
– शासन में ईमानदारी

6. वैकल्पिक विषय पेपर- I
– उम्मीदवार यूपीएससी द्वारा प्रदान किए गए विषयों की सूची में से एक वैकल्पिक विषय चुन सकते हैं। वैकल्पिक विषय के लिए पाठ्यक्रम आधिकारिक अधिसूचना में पाया जा सकता है।

7. वैकल्पिक विषय पेपर- II
– यह पेपर उम्मीदवार द्वारा चुने गए दूसरे वैकल्पिक विषय को कवर करता है।

व्यक्तित्व परीक्षण (साक्षात्कार):

साक्षात्कार का उद्देश्य सिविल सेवाओं में कैरियर के लिए उम्मीदवार के व्यक्तित्व, ज्ञान और उपयुक्तता का आकलन करना है। साक्षात्कार के लिए कोई विशिष्ट पाठ्यक्रम नहीं है। हालांकि, उम्मीदवारों को करंट अफेयर्स, उनके वैकल्पिक विषयों की अच्छी जानकारी होनी चाहिए और उन्हें अपने बायोडाटा की अच्छी समझ होनी चाहिए।

कृपया ध्यान दें कि उपरोक्त पाठ्यक्रम यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए एक सामान्य रूपरेखा है। यह सलाह दी जाती है कि यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट या उस विशिष्ट परीक्षा के लिए विस्तृत और अद्यतन पाठ्यक्रम के लिए नवीनतम अधिसूचना देखें, जिसमें आप रुचि रखते हैं।

क्या upsc परीक्षा आसान है? 

क्या upsc परीक्षा मुश्किल है? 

यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है और काफी मात्रा में दबाव पैदा कर सकता है। प्रतियोगी प्रकृति और परीक्षा के विशाल पाठ्यक्रम को देखते हुए तनावग्रस्त और अभिभूत महसूस करना सामान्य है। इस परीक्षा में आपको विभिन्न विषयों में गहरी ज्ञान, सामान्य जागरूकता, लोगिकल विचार, व्यावहारिक बुद्धि, और क्रियाशीलता की आवश्यकता होती है।

UPSC परीक्षा का पैटर्न विस्तृत होता है और आपको प्राथमिक, मुख्य और साक्षात्कार चरणों से गुजरना पड़ता है। प्राथमिक परीक्षा में आपको सामान्य अध्ययन, भूगोल, इतिहास, राजनीति विज्ञान, आर्थिक विज्ञान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सामान्य जागरूकता और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जाते हैं। मुख्य परीक्षा में आपको निबंध लिखना, विशेषज्ञ विषयों पर गहराई से समझदारी दिखाना, व्यक्तिगतिकरण, इंटरपर्सनल स्किल्स, और नेतृत्व क्षमता दिखाना होता है।

UPSC परीक्षा की तैयारी में बहुत समय, धैर्य, और मेहनत की आवश्यकता होती है।

हालाँकि, ऐसी कई रणनीतियाँ हैं जिनका उपयोग आप परीक्षा के दबाव को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए कर सकते हैं:

1. योजना बनाएं और व्यवस्थित करें: एक अध्ययन कार्यक्रम बनाएं जो प्रत्येक विषय और विषय के लिए समय आवंटित करे। अपनी तैयारी को छोटे, प्रबंधनीय कार्यों में विभाजित करने से तनाव कम करने और अपनी अध्ययन योजना को अधिक संरचित बनाने में मदद मिल सकती है।

2. यथार्थवादी लक्ष्य निर्धारित करें: अपने अध्ययन सत्रों के लिए प्राप्त करने योग्य लक्ष्य निर्धारित करें। पूरे सिलेबस को एक बार में पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, छोटे, विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित करें जिन्हें आप एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा कर सकते हैं। रास्ते में अपनी उपलब्धियों का जश्न मनाएं, क्योंकि इससे आपकी प्रेरणा बढ़ेगी।

3. प्राथमिकता दें और समय का प्रबंधन करें: सबसे महत्वपूर्ण विषयों और क्षेत्रों की पहचान करें जो परीक्षा में अधिक महत्व रखते हैं। इन विषयों के लिए अधिक समय और प्रयास आवंटित करें और यह सुनिश्चित करें कि आपने पूरे पाठ्यक्रम को कवर कर लिया है। समय प्रबंधन महत्वपूर्ण है, इसलिए विकर्षणों को दूर करने और एक अनुकूल अध्ययन वातावरण बनाने का प्रयास करें।

4. पिछले प्रश्नपत्रों और मॉक टेस्ट का अभ्यास करें: पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करने और मॉक टेस्ट देने से आप परीक्षा पैटर्न से परिचित होंगे, अपने समय प्रबंधन कौशल में सुधार करेंगे और अपने आत्मविश्वास को बढ़ाएंगे। यह आपको अपनी ताकत और कमजोरियों की पहचान करने में भी मदद करेगा, जिससे आप उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे जिनमें सुधार की आवश्यकता है।

5. अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें: परीक्षा की तैयारी के दौरान एक स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखना महत्वपूर्ण है। सुनिश्चित करें कि पर्याप्त नींद लें, संतुलित आहार लें और नियमित शारीरिक व्यायाम करें। अध्ययन सत्र के दौरान अल्प विराम लेने से भी ध्यान और एकाग्रता में सुधार करने में मदद मिल सकती है।

6. समर्थन की तलाश करें: अपने आप को परिवार, दोस्तों, या साथी उम्मीदवारों के एक सहायक नेटवर्क से घेरें जो आपके सामने आने वाली चुनौतियों को समझते हैं। अपनी चिंताओं पर चर्चा करने और अपने अनुभव साझा करने से तनाव कम हो सकता है और मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान की जा सकती है।

7. सकारात्मक और प्रेरित रहें: सकारात्मक मानसिकता बनाए रखें और अपनी क्षमताओं पर विश्वास करें। अपने आप को अपने लक्ष्यों और इस यात्रा को शुरू करने के कारणों की याद दिलाकर प्रेरित रहें। ऐसी गतिविधियों में संलग्न रहें जो आपके मूड को बेहतर बनाएं, जैसे कि संगीत सुनना, प्रेरक किताबें पढ़ना, या माइंडफुलनेस तकनीकों का अभ्यास करना।

याद रखें, अपनी तैयारी और व्यक्तिगत स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाना महत्वपूर्ण है। जबकि यूपीएससी परीक्षा महत्वपूर्ण है, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

क्या upsc परीक्षा में भ्रष्टाचार होता है?

UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) परीक्षा को भ्रष्टाचार से पूरी तरह स्वतंत्र रखने का प्रयास किया जाता है। UPSC परीक्षा की प्रक्रिया में विभिन्न सुरक्षा और प्रतिबंधों का पालन किया जाता है ताकि कोई अनुचित या अनैतिक आचरण नहीं हो सके।
UPSC एक ऐसी संगठनिक प्रक्रिया है जिसमें आवेदकों को मंच प्रदान किया जाता है ताकि वे निष्पक्ष और न्यायपूर्ण तरीके से चयन हो सकें। यह परीक्षा में चयन का माध्यम मूल रूप से लिखित परीक्षा और साक्षात्कार होते हैं, जिन्हें संघ लोक सेवा आयोग द्वारा नियोजित अद्यतित नियमों के अनुसार आयोजित किया जाता है।

Upsc परीक्षा की तयारी क्यूं करे?

UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) परीक्षा की तैयारी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस परीक्षा में आपके ज्ञान, कौशल और सामरिकता का मूल्यांकन किया जाता है।

Upsc परीक्षा की तयारी के लिए क्या टिप्स फॉलो करना चाहिए?

नीचे कुछ कारगर टिप्स हैं जो UPSC परीक्षा की तैयारी में मदद कर सकते हैं:

1. पैटर्न और सिलेबस का अध्ययन करें: UPSC परीक्षा के पैटर्न और सिलेबस को समझें और इसे ध्यान से पढ़ें। यह आपको परीक्षा की तैयारी के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में सेवा करेगा।

2. नोट्स तैयार करें: अवधारणाओं को समझने और याद करने के लिए नोट्स तैयार करें। इससे आपकी तैयारी संगठित होगी और समय की बचत होगी।

3. नियमित अध्ययन करें: नियमित अध्ययन रखें और नये विषयों को ध्यान में रखें। दैनिक और साप्ताहिक समाचार पत्रों को पढ़ें ताकि आप राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों के बारे में अद्यतन रहें।

4. मॉक टेस्ट दें: मॉक टेस्ट सीरीज़ में भाग लें ताकि आप अपनी परीक्षा स्थिति को माप सकें और स्वयं को सुधार सकें।

5. स्वस्थ रहें: अपनी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, और स्वस्थ आहार लें।

6. सामूहिक अध्ययन: दोस्तों और समूह के साथ पढ़ाई करने से अवधारणाओं को समझने और याद करने में मदद मिलती है। अच्छे स्टडी ग्रुप में शामिल हों और नए धाराप्रवाह को समझने का प्रयास करें।

इन टिप्स के साथ संघटित तैयारी, समय प्रबंधन, स्वास्थ्य ध्यान और आत्मविश्वास आपकी UPSC परीक्षा की सफलता में मदद करेंगे।

क्या UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) की तैयारी खुद से कर सकते हैं?

हाँ, आप UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) की तैयारी खुद से कर सकते हैं। बहुत सारे छात्र खुद की मेहनत, संघर्ष और स्वाधीनता के साथ UPSC की तैयारी करते हैं और सफलता प्राप्त करते हैं। नीचे कुछ महत्वपूर्ण सुझाव हैं जो आपकी तैयारी में मदद कर सकते हैं:

1. स्वयं अध्ययन: पहले और सामग्री पढ़ने के लिए स्वयं को समर्पित करें। NCERT किताबों से शुरू करें और धीरे-धीरे अन्य संबंधित पुस्तकों और सामग्री के लिए आगे बढ़ें।

2. संघर्ष के लिए योजना बनाएं: समय और पाठ्यक्रम के मुताबिक एक योजना बनाएं। दैनिक, साप्ताहिक और मासिक लक्ष्यों को निर्धारित करें और उन्हें पूरा करने के लिए अपने समय को व्यवस्थित करें।

3. मॉक टेस्ट करें: मॉक टेस्ट देकर अपनी परीक्षा तैयारी का मूल्यांकन करें। मॉक टेस्ट सीरीज़ में भाग लें और अपनी प्रगति को मापें।

4. समूह अध्ययन: दोस्तों और समूह के साथ पढ़ाई करें और अवधारणाओं को समझें। एक अच्छा स्ट

डी ग्रुप ज्वाइन करें और नए धाराप्रवाह को समझने का प्रयास करें।

5. स्वस्थ रहें: अपनी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। ध्यान, योग और अभ्यास द्वारा अपने मानसिक तनाव को कम करें।

6. पिछले वर्षों के पेपर्स का अध्ययन करें: पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अध्ययन करें और परीक्षा के पैटर्न को समझें। इससे आपको आवश्यक ज्ञान की पहचान होगी और आप परीक्षा के अनुकूलता को समझ सकेंगे।

यहां याद रखें कि UPSC की तैयारी में आपको संघर्ष करना और समर्पित रहना होगा। एक अच्छी स्टडी सामग्री के साथ आपको अद्यतित रहना होगा और स्वयं को संगठित रखने की क्षमता होनी चाहिए।

क्या upsc की तयारी के लिए कोचिंग की जरूरत है?

UPSC की तैयारी के लिए कोचिंग की जरूरत या आवश्यकता व्यक्तिगत होती है। कोचिंग संस्थान छात्रों को उच्च स्तरीय सामग्री, दिशा-निर्देशन, मार्गदर्शन और मॉक टेस्ट के माध्यम से तैयार करने में मदद करते हैं।

कोचिंग की जरूरत होने का निर्णय आप पर निर्भर करता है। यहां कुछ तत्परता बिंदु हैं जिन्हें आपको विचार करना चाहिए:

1. आत्मावलोकन: अपनी पढ़ाई की स्थिति को मूल्यांकन करें। क्या आपको विशेष दिशा-निर्देशन और संबंधित सामग्री की आवश्यकता है? आपकी स्थिति और अवसरों को ध्यान में रखते हुए अपनी ताकतों और कमजोरियों को जानें।

2. स्वाधीनता और संगठन: यदि आप अपनी स्वाधीनता और संगठनशीलता के साथ स्वयं में विश्वास रखते हैं, तो आप खुद से तैयारी कर सकते हैं। यदि आपको संगठित मार्गदर्शन और अनुप्रयोगी माहौल की आवश्यकता है, तो कोचिंग संस्थान एक विकल्प हो सकता है।

3. संसाधन: आपके पास उच्च-गुणवत्ता वाली सामग्री, पुस्तकें, स्टडी मटेरियल और पर्याप्त समय होना चाहिए। यदि आपको इसमें कमी महसूस होती है, तो कोचिंग संस्थान आपको इस दृष्टि से मदद कर सकता है।

यह महत्वपूर्ण है कि आप कोचिंग के लिए निर्धारित करने से पहले सभी पक्षों को विचार करें और अपनी व्यक्तिगत स्थिति और आवश्यकताओं के आधार पर अपना निर्णय लें।

क्या upsc कोचिंग वाले सक्सेस दिला पाते हैं?

UPSC कोचिंग संस्थानों की मदद से छात्रों को सफलता मिलती है, लेकिन सफलता की गारंटी नहीं होती है। कोचिंग संस्थान समर्पित और विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा दिशा-निर्देशन, मार्गदर्शन, पाठ्यक्रम कवरेज, मॉक टेस्ट और छात्रों को मोटिवेट करने की अवसर प्रदान करते हैं। यह कई छात्रों को तैयारी में मदद करता है और उन्हें संरचित रणनीति और सतत प्रगति का मार्ग दिखाता है।

कुछ महत्वपूर्ण फायदे हैं जो UPSC कोचिंग संस्थान द्वारा प्रदान किए जा सकते हैं:

1. संरचित पाठ्यक्रम: कोचिंग संस्थान आपको संरचित और व्यापक पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं जो UPSC परीक्षा के पाठ्यक्रम को कवर करते हैं। इससे आपको सभी विषयों पर विशेषज्ञता प्राप्त होती है।

2. मॉक टेस्ट और सत्यापन: कोचिंग संस्थान नियमित रूप से मॉक टेस्ट आयोजित करते हैं, जिससे आप अपनी परीक्षा तैयारी का मूल्यांकन कर सकते हैं और अपनी कमजोरियों पर काम कर सकते हैं।

3. मार्गदर्शन और मोटिवेशन: कोचिंग संस्थान आपको मार्गदर्शन प्रदान करते हैं और आपको मोटिवेट करने में मदद करते हैं। वे आपकी प्रगति को मान्यता देते हैं और आपको आत्मविश्वास देते हैं कि आप सफल हो सकते हैं।

इसके साथ ही, यह महत्वपूर्ण है कि छात्र संघर्ष करें, स्वयं अभ्यास करें और अपनी स्वाधीनता को बनाए रखें। यह आपकी मेहनत, समर्पण और सही दिशा में प्रगति के लिए अनिवार्य है।

Upsc परीक्षा तयारी खुद से करने के क्या नुकसान है?

UPSC परीक्षा की तैयारी खुद से करने के कुछ नुकसान हो सकते हैं, जिन्हें निम्नलिखित रूप में देखा जा सकता है:

1. अप्रभावी योजना और संरचना: बिना उचित योजना और संरचना के, तैयारी अव्यवस्थित और अप्रभावी हो सकती है। यह आपके विषय कवरेज, समय प्रबंधन, महत्वपूर्ण विषयों की प्राथमिकता और मॉक टेस्ट के अभ्यास में कमी पैदा कर सकता है।

2. संसाधनों की कमी: एकमात्र संसाधन के आपूर्ति पर निर्भरता आपकी तैयारी को प्रभावित कर सकती है। आपके पास उच्च-गुणवत्ता की पुस्तकें, स्टडी मटेरियल, पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का संग्रह और आवश्यक सामग्री की कमी हो सकती है।

3. तारीखों की अनुसरण करने में कठिनाई: यदि आप खुद से तैयारी कर रहे हैं, तो आपको परीक्षा की नियुक्ति और परीक्षा संबंधी अपडेट की जिम्मेदारी भी संभालनी होगी। इसका मतलब है कि आपको अपनी तैयारी को परीक्षा के समय साथ-साथ अद्यतित रखना होगा।

4. निरंतर मार्गदर्शन की कमी: अकस्मात अवसरों पर निरंतर मार्गदर्शन और सलाह प्राप्त करने की कमी हो सकती है। कोचिंग संस्थान के माध्यम से आप मार्गदर्शन, मनोचिंतन और परीक्षा के बारे में विशेषज्ञों के साथ संपर्क में रह सकते हैं।

5. सामरिक और मानसिक दबाव: स्वयं से तैयारी करने में सामरिक और मानसिक दबाव हो सकता है, खासकर जब परीक्षा की तारीख नजदीक आती है। यह आपकी स्वस्थ और परीक्षा प्रदर्शन पर असर डाल सकता है।

खुद से तैयारी के नुकसानों को दूर करने के लिए, आपको योजनाबद्धता, स्वयं-आदेश, उच्च-गुणवत्ता संसाधनों की आपूर्ति और मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल करनी चाहिए।

Upsc की तयारी खुद से करने से क्या फायदा होगा?

UPSC (Union Public Service Commission) की तैयारी खुद से करने के कई फायदे हो सकते हैं। यहां कुछ मुख्य फायदे दिए गए हैं:

1. स्वतंत्रता और आत्मविश्वास: खुद से UPSC की तैयारी करने से आपको स्वतंत्रता मिलती है कि आप अपनी तैयारी को अपने तरीके से आगे बढ़ा सकते हैं। इससे आपका आत्मविश्वास भी बढ़ता है और आपको आपकी क्षमताओं पर पूरा भरोसा होता है।

2. स्वतंत्रता और निर्भरता: खुद से तैयारी करने से आपको स्वतंत्रता मिलती है कि आपको किसी को निर्भर नहीं होना पड़ता है। आप अपनी अवधारणाओं, समय और उपायों पर निर्भर कर सकते हैं।

3. संगठन क्षमता: खुद से UPSC की तैयारी करने से आपकी संगठन क्षमता में सुधार होता है। आपको अपना समय और संसाधनों का उचित नियोजन करना सीखना पड़ता है, जो UPSC की परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

4. समय और ध्यान की बचत: कोचिंग इंस्टीट्यूट ज्वाइन करने की तुलना में, खुद से तैयारी करने से आपको समय और ध्यान की बचत होती है। आप अपनी अवधारणाओं, नोट्स, और स्टडी मैटेरियल पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, इससे आपकी स्मृति और समझ में सुधार होती है।

5. सामग्री का आपके अनुसार चयन: खुद से तैयारी करने से आपको अपनी समझ, रुचियों, और संसाधनों के आधार पर सामग्री का चयन करने का मौका मिलता है। आप अपने अध्ययन को अपनी आवश्यकताओं और समय के अनुसार साझा कर सकते हैं।

6. खर्च कम करना: कोचिंग कक्षाओं या ऑनलाइन कोर्सेज के लिए खर्च करने की तुलना में, खुद से तैयारी करने से आपके खर्च कम होते हैं। आप अपने बजट के अनुसार अपने संसाधनों का चयन कर सकते हैं और अपने अध्ययन के लिए उचित खर्च कर सकते हैं।

इसके अलावा, खुद से तैयारी करने के दौरान आप खुद को अच्छी तरह से जानने का मौका पाते हैं, अपनी क्षमताओं को सुधारते हैं, और आपकी सोचने की क्षमता में वृद्धि होती है। इन सभी फायदों से आपकी UPSC परीक्षा की तैयारी में आपकी सफलता के आंकड़े बढ़ सकते हैं।

Upsc अधिकारी खुश क्यों रहते हैं?

UPSC (Union Public Service Commission) अधिकारी के रूप में काम करने के कई कारण हो सकते हैं, जिनके कारण वे खुश रह सकते हैं। यहां कुछ मुख्य कारण हैं:

1. सामाजिक सेवा: UPSC अधिकारी को अवसर मिलता है देश की सेवा करने का, जिसमें वे सामाजिक न्याय और लोगों की मदद करने का अहसास करते हैं। यह उन्हें सामाजिक सेवा का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है और इसके लिए उन्हें आदर और सम्मान प्राप्त होता है।

2. सत्यनिष्ठा और न्याय: UPSC अधिकारी को न्यायपूर्ण और सत्यनिष्ठा प्रशासन में भाग लेने का अवसर मिलता है। वे संविधान की पालना करने, जनता के हकों की रक्षा करने, और न्यायपूर्ण निर्णय लेने के माध्यम से समाज में सुधार करते हैं। इस सत्यनिष्ठा और न्याय के मार्ग पर चलने से वे खुशी और संतुष्टि प्राप्त कर सकते हैं।

3. संघीय सेवाओं में स्थान: UPSC अधिकारी को संघीय सेवाओं में नौकरी पाने का मौका मिलता है, जो एक गर्व का संदेश हो सकता है। यह स्थिरता, उच्चतम स्तर की सुरक्षा, और बेहतरीन वेतन-मान्यता के साथ आता है। इसके लिए उन्हें आदर और सम्मान प्राप्त होता है और यह उन्हें खुश रख सकता है।

4. विभाजित और चुनौतीपूर्ण कार्य: UPSC अधिकारी को अपने कार्य में नए और विभाजित क्षेत्रों का सामना करना पड़ता है। इससे उन्हें नया ज्ञान और कौशल विकसित करने का अवसर मिलता है, जो उन्हें प्रोफेशनल और व्यक्तिगत स्तर पर विकसित कर सकता है। इस तरह के चुनौतीपूर्ण कार्य अधिकारियों को खुशी और आनंद प्रदान कर सकते हैं।

ये कुछ कारण हैं जो UPSC अधिकारी को खुश रहने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति की प्राथमिकताएं और आकांक्षाएं अलग-अलग हो सकती हैं, और उनकी खुशी व्यक्तिगत स्तर पर निर्भर करेगी।

कुछ Upsc अधिकारी खुश क्यों नहीं रह पाते?

UPSC (Union Public Service Commission) भारतीय संघीय सेवा आयोग है जो भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और अन्य संघीय सेवाओं की भर्ती का आयोजन करता है। इस परीक्षा को देने वाले अधिकारी विभिन्न संघीय सरकारी सेवाओं में नौकरी पाने का संतोष प्राप्त कर सकते हैं।

हालांकि, कुछ UPSC अधिकारी खुश नहीं रह पाते हैं क्योंकि:

1. भारी दायित्व: UPSC अधिकारी को अपने ड्यूटी के दौरान विभिन्न मामलों का संबोधन करना पड़ता है और उन्हें समस्याओं का समाधान ढूंढना होता है। यह अधिकारियों को अधिक दबाव और मानसिक तनाव के बाध्य करता है।

2. कठिनाईयां और संघर्ष: संघीय सेवाओं में काम करने के लिए, यहां कठिनाइयां और संघर्ष सामान्य हैं। इसमें लंबे कार्यकाल, कठिन निर्णय लेने की जिम्मेदारी, तनाव और समय सीमा के चलते जीवन का आंतरिक संतुलन शामिल होता है।

3. काम की बड़ी वाणिज्यिकी: सरकारी नौकरी में काम करते समय, अधिकारियों को कई बार आपसी समझौते और नौकरी से संबंधित रणनीतियों के बीच में खड़ा होना पड़ता है। इसके कारण कई बार अधिकारियों को नियुक्ति, पदोन्नति, या सुविधाओं के मामले में निष्क्रियता और बाधाओं का सामना करना पड़ता है।

4. जीवन के अन्य पहलुओं की कमी: UPSC अधिकारियों को अपनी नौकरी में बहुत समय और श्रम लगाना पड़ता है, जिसके कारण वे अपने परिवार, मनोरंजन और आत्म समर्पण के लिए कम समय निकाल पाते हैं। यह उन्हें खुद के साथ बलाई और संतुष्ट नहीं रहने के कारण हो सकता है।

ये कुछ कारण हैं जो UPSC अधिकारी को खुश नहीं रहने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। हालांकि, यह मान्यता नहीं है कि सभी अधिकारी इस तरह के समस्याओं का सामना करते हैं और खुश नहीं रह पाते हैं। कुछ लोगों के लिए यह अभियांत्रिकी, सेवानिवृत्ति प्रमोशन और समान संवेदनशीलता के कारण एक गर्व का स्तर भी प्रदान कर सकती है।

UPSC के लिए कितने एग्जाम देने पड़ते हैं?

यूपीएससी में कुल नौ अनिवार्य विषय होते हैं। इन सात पेपरों के अलावा, दो क्वालीफाइंग पेपर, पेपर-ए (भारतीय भाषा) और पेपर-बी (अंग्रेजी भाषा) भी हैं।UPSC की परीक्षा साल में कितनी बार होती है?
UPSC प्रत्येक वर्ष सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन करती है। UPSC की सिविल सर्विस परीक्षा का सम्पूर्ण चक्र वर्ष का होता है।

UPSC में पास होने के लिए कितने मार्क्स चाहिए?
UPSC प्रीलिम्स के लिए आपको 200 अंकों में से लगभग 110  अंकों को प्राप्त करना होगा। जहाँ आपको प्रत्येक सवाल के सही आंसर के लिए 2 अंक और सवाल गलत हो जाने पर नेगेटिव मार्किंग के 0.66 अंक कट जाते हैं। इसी प्रकार आपको UPSC मेंस में पास होने के लिए आपको 1750 अंकों में से न्यूनतम 850 या 900 से अधिक अंक लाने ही होते हैं।

यूपीएससी के लिए 12वीं में कितने मार्क्स चाहिए?
यदि आपके 12वीं में मार्क्स कम भी हैं तो भी कोई विशेष फर्क नहीं पड़ेगा।

UPSC की सैलरी कितनी है?
7वें वेतन आयोग के अनुसार किसी भी आईएएस अफसर को 56100 रुपये प्रतिमाह की बेसिक सैलरी और कैबिनेट सचिव बनने के बाद करीब 2.5 लाख रुपये प्रतिमाह की सैलरी व कई भत्ते मिलते है.

UPSC के लिए आयु सीमा क्या है?

यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी की आयु 21 वर्ष से 32 वर्ष के बीच होनी चाहिए (UPSC Exam Age Limit). वहीं, पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को इसमें छूट दी जाती है. वह 21 वर्ष से 35 वर्ष की आयु के बीच इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं.

UPSC की तैयारी के लिए सही उम्र क्या है?
IAS परीक्षा की तैयारी शुरू करने का सही समय 18-23 साल की उम्र में। वे यूपीएससी के लिए सर्वश्रेष्ठ वैकल्पिक विषय चुनने में सक्षम होंगे, और स्नातक की डिग्री के साथ-साथ वे आईएएस परीक्षा के लिए कुशलतापूर्वक तैयारी कर सकते हैं।

क्या UPSC 1 साल में क्लियर हो सकता है?
क्या IAS की तैयारी के लिए 1 साल काफी है? यूपीएससी क्रैक करने के लिए एक साल काफी है अगर आप ठीक से तैयारी करते हैं ।

1 साल में कितने आईएएस चुने जाते हैं?
आईएएस पद के लिए हर साल यूपीएससी परीक्षा के द्वारा 180 कैंडीडेट्स का चयन किया जाता है। बसवान समिति के अनुसार एक वर्ष में UPSC के द्वारा चुने गए कैंडीडेट्स में से आईएएस अधिकारियों की संख्या 180 से अधिक नहीं होनी चाहिए।

UPSC इंटरव्यू कौन लेता है?

UPSC का इंटरव्यू कौन लेता है? यूपीएससी का इंटरव्यू upsc board members द्वारा लिया जाता है। यूपीएससी के बोर्ड में एक अध्यक्ष और 4 सदस्य होता है। Interview में यूपीएससी board अध्यक्ष को छोड़कर अन्य चार सदस्यों को बुलाया जाता है,यह चारों सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में विशेषज्ञ होते हैं।

IAS से बड़ा पद क्या है?

आईएएस अधिकारी का सबसे ऊंचा पद- कैबिनेट सचिव

ये पद प्रशासनिक स्तर पर सबसे बड़ा पद होता है, जहां हर आईएएस अधिकारी नहीं पहुंच सकता है।

12वीं के बाद IAS के लिए कौन सा ग्रेजुएशन बेस्ट है?
विश्लेषण के अनुसार, यूपीएससी के लिए सबसे अच्छा डिग्री कोर्स बैचलर ऑफ आर्ट्स डिग्री है, जिसे अधिकांश आवेदक यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए चुनते हैं, क्योंकि यह देखा गया है कि इन क्षेत्रों के उम्मीदवार अच्छे अंकों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण करते हैं।

बिना कोचिंग के जीरो लेवल से यूपीएससी की तैयारी कैसे शुरू करें?
कोचिंग के बिना शून्य स्तर से यूपीएससी की तैयारी शुरू करने के लिए, छात्रों को पहले पूरी यूपीएससी परीक्षा को समझना चाहिए, एनसीईआरटी की किताबों से शुरू करना चाहिए, एक जोरदार अध्ययन योजना का पालन करना चाहिए, नियमित अभ्यास करना चाहिए, यदि कोई संदेह हो तो उसे दूर करने के लिए वीडियो देखना चाहिए और नियमित रूप से द हिंदू अखबार पढ़ना चाहिए।

आईएएस में कुल कितने सब्जेक्ट होते हैं?
यूपीएससी में कुल नौ अनिवार्य विषय होते हैं।

इन सात पेपरों में चार सामान्य अध्ययन पेपर, एक निबंध पेपर और दो वैकल्पिक विषय पेपर शामिल हैं। इन सात पेपरों के अलावा, दो क्वालीफाइंग पेपर, पेपर-ए (भारतीय भाषा) और पेपर-बी (अंग्रेजी भाषा) भी हैं।

एक जिले में कितने आईएएस अधिकारी होते हैं?
एक जिले में कितने आईएएस ऑफिसर होने चाहिए, यह उस जिले की जनसंख्या पर भी निर्भर करता है। वैसे एक जिले में 5 आईएएस ऑफिसर तो होते ही है, हालाँकि इनकी संख्या 10 तक हो सकती है।

UPSC के लिए कितने छात्र आते हैं?
हर साल लगभग 10,00,000 छात्र परीक्षा में शामिल होते हैं। हालांकि, उम्मीदवारों का कुल यूपीएससी पास प्रतिशत 0.2% है। इस लेख में, उम्मीदवार यह जांच सकते हैं कि यूपीएससी 2022 और 2023 के लिए कितने छात्र उपस्थित हुए और चयन अनुपात या प्रीलिम्स, मेन्स और साक्षात्कार में उम्मीदवारों का उत्तीर्ण प्रतिशत।

कलेक्टर बनने के लिए कितना रैंक होना चाहिए?
एक कलेक्टर बनने के लिए रैंक की बात की जाए तो आपको 100 रैंक के अंदर लाना पड़ता है यदि आप 100रैंक के अंदर आते हैं तो आप एक कलेक्टर बन सकते हैं।

मुझे इंग्लिश नहीं आती क्या मैं आईएएस बन सकता हूं?
क्या आईएएस बनने के लिए अंग्रेजी आना है जरूरी? यूपीएससी एग्जाम (UPSC Exam) क्‍वालिफाई करने के लिए बहुत अच्छी अंग्रेजी की जरूरत नहीं होती है. इसके लिए अंग्रेजी का इतना ही ज्ञान पर्याप्त होता है कि अंगेजी जानने वाला कोई व्यक्ति यदि किसी आम विषय पर कुछ कहे, तो उसे समझ जाएं.

यूपीएससी फॉर्म फीस कितनी है?
यूपीएससी का फॉर्म भरने में आवेदन शुल्क ₹100 हैं जिसमें एससी एसटी और महिला उम्मीदवारों के लिए कोई भी शुल्क नहीं देना होता है अर्थात उनकी शुल्क ₹0 होती है।

सबसे कठिन इंटरव्यू कौन सा है?
यूपीएससी के इंटरव्यू को सबसे कठिन माना जाता है। यूपीएससी इंटरव्यू में ऐसे सवाल (UPSC Interview Questions) पूछे जाते हैं जिनके जवाब देने में उम्मीदवार का सर चकरा जाता है और यही कारण है कि यूपीएससी को पहले ही प्रयास में पास करना बहुत मुश्किल है।

यूपीएससी कितने साल का कोर्स होता है?
UPSC का सफर काफी लंबा है। इसे पास करने में लोगों को 5-6 लग जाते है। लेकिन आमतौर पर किसी भी सामान्य कैंडिडेट को यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने में दो से तीन साल का समय तो लग ही जाता है।

क्या कोई जीरो से शुरू होकर 6 महीने में यूपीएससी क्रैक कर सकता है?
हाँ। भले ही आप अभी तैयारी करना शुरू कर दें – यदि आप सही रणनीति अपनाते हैं, स्मार्ट वर्क करते हैं, जो आवश्यक है उसे सीखें, और हर चीज के पीछे न भागें – हां, आप केवल 6 महीने की तैयारी के साथ यूपीएससी सीएसई प्रीलिम्स को पास कर सकते हैं।

UPSC की तैयारी के लिए कितने महीने चाहिए?
संपूर्ण यूपीएससी प्रारंभिक और मुख्य पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए आवश्यक समय 12 महीने की अग्रिम तैयारी में लगेगा। हालाँकि, यह एक आदर्श मामला है लेकिन हमेशा आवश्यक नहीं है। उचित मार्गदर्शन, स्मार्ट वर्क और एक रणनीति के साथ, एक गंभीर उम्मीदवार तैयारी के 2 महीने से भी कम समय में भी प्रारंभिक परीक्षा पास कर सकता है।

UPSC क्लियर करने के बाद DM बनने में कितना समय लगता है?
2 साल के प्रशिक्षण सहित 6 साल तक आईएएस अधिकारी के रूप में सेवा करने के बाद एक उम्मीदवार डीएम बन सकता है। डीएम बनने के लिए, उम्मीदवार को IAS अधिकारी रैंक सूची में सबसे ऊपर होना चाहिए।

UPSC के लिए कितने घंटे पढ़ना चाहिए?
तैयारी शुरू करते वक़्त आपको रोजाना 6-7 घंटे पढ़ना काफी है. फिर धीरे-धीरे समय को बढ़ाकर 8-10 घंटे कर लें. जब आप आदतन हो जाएं तो इसका समय 12-14 घंटे कर लें, क्योकि इस परीक्षा की तैयारी के लिए इतना समय जरूरी होता है. तभी आप तैयारी करने में पूरी तरह से निपुण हो पाएंगे.

क्या एवरेज स्टूडेंट आईएएस बन सकता है?
उम्मीदवारों की सफलता की कहानियाँ यह साबित करते हैं कि आईएएस परीक्षा को पास करने के लिए आपको टॉपर होने की आवश्यकता नहीं है।

भारत का सबसे हार्ड एग्जाम कौन सा है?
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE)

देश में प्रशासनिक सेवाओं लिए संघ लोक सेवा आयोग हर साल परीक्षाएं आयोजित करता है. जिसे सिविल सेवा परीक्षा कहते हैं. सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है. इसके लिए लोग दिन रात एक करके तैयारी करते हैं.

यूपीएससी में 1 दिन में कितने पेपर होते हैं?
यूपीएससी परीक्षा पास करने के लिए दो-दो घंटे के दो पेपर होते हैं।

यूपीएससी के लिए कितना पढ़ा होना चाहिए?
UPSC के लिए योग्यता क्या चाहिए? UPSC के लिए न्यूनतम शैक्षेणिक योग्यता graduation यानी स्नातक पास की होती है। UPSC की civil service exam में बैठने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से स्नातक पास होना जरूरी है।भारत में कौन सा राज्य अधिक आईएएस पैदा करता है?
उतार प्रदेश।

भारत में कौन सा कॉलेज सबसे ज्यादा आईएएस पैदा करता है?
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू)
प्रत्येक वर्ष यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले कई उम्मीदवार दिल्ली विश्वविद्यालयों के स्नातक होते हैं। 2022 में शीर्ष 20 छात्रों में से पांच दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों के स्नातक थे।

क्या कमजोर छात्र आईएएस बन सकता है?
कोई भी विद्यार्थी यदि निरंतर कड़ी मेहनत करे और अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ सकल्पित रहे तो वह निश्चित ही आईएएस बन सकता है..

इंटरव्यू में कैसे कपड़े पहने जाते हैं?
इंटरव्यू के लिए जाते वक्त प्रोफेशनल और हल्के रंगों व कपड़ों का चुनाव करना चाहिए. इस बात का भी ध्यान रखें कि कपड़े आपके प्रोफेशन के अनुरूप हों. जहां पुरुष उम्मीदवारों को इंटरव्यू के दौरान फॉर्मल शर्ट और पैंट/ट्राउजर पहनना चाहिए, वहीं महिला उम्मीदवार सूट, साड़ी, ड्रेस, पैंट सूट पहन सकती हैं.

यूपीएससी के लिए एनसीईआरटी की किताबें कितनी कारगर हैं? क्या NCERT की किताबें  काफी हैं?

UPSC से सम्बंधित सारी जानकारी एक जगह, क्या एनसीईआरटी (NCERT) की किताबें क्या काफी है? सभी तरह के सवाल और जवाब | FAQs

यूपीएससी के लिए एनसीईआरटी की किताबें यूपीएससी (Union Public Service Commission) के लिए एनसीईआरटी (NCERT) की किताबें महत्वपूर्ण हो सकती हैं, खासकर उन विषयों के लिए जो यूपीएससी परीक्षाओं में शामिल होते हैं।

यूपीएससी के लिए एनसीईआरटी की किताबें आपको प्राथमिक तैयारी के लिए मददगार साबित हो सकती हैं, खासकर जब आप परीक्षा की तैयारी शुरू करते हैं और बेसिक ज्ञान को समझने की आवश्यकता होती है। यहां दिए गए कुछ विषयों के लिए एनसीईआरटी की किताबें उपयोगी हो सकती हैं:

भूगोल (Geography): कक्षा 6 से 12 तक की एनसीईआरटी की भूगोल किताबें।

इतिहास (History): कक्षा 6 से 12 तक की एनसीईआरटी की इतिहास किताबें, जैसे “आधुनिक भारत का इतिहास” और “भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन”।

भूगोलीय, आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और विज्ञानिक प्रश्न (Geographical, Economic, Social, Political, and Scientific Questions): कक्षा 6 से 10 तक की एनसीईआरटी की सामाजिक विज्ञान किताबें और कक्षा 11 और 12 की सामाजिक विज्ञान किताबें।

भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, और प्राकृतिक विज्ञान (Physics, Chemistry, Biology, Mathematics, and Environmental Science): कक्षा 11 और 12 की एनसीईआरटी की विज्ञान किताबें।

यदि आप यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं, तो यह उपयुक्त हो सकता है कि आप एनसीईआरटी की किताबों के साथ-साथ अन्य प्रतिष्ठित प्रकाशकों द्वारा लिखित पुस्तकों का भी उपयोग करें, ताकि आपकी तैयारी व्यापक हो सके।

अगर आप UPSC की तैयारी कर रहे हैं, तो NCERT की किताबें सिर्फ एक आधार हो सकती हैं, लेकिन आपको इसके अतिरिक्त मार्गदर्शन पुस्तकों की भी आवश्यकता होगी। आपको संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सिलेबस के अनुसार विषय-वस्तु परीक्षण की तैयारी करनी चाहिए और अध्ययन सामग्री के लिए विभिन्न संसाधनों का उपयोग करना चाहिए।

UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) की तैयारी के लिए कौन सी किताबें संदर्भ के रूप में उपयोगी हो सकती हैं?

1. भारतीय इतिहास:

– आधुनिक भारत का इतिहास – बिपिन चंद्रा

– भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन – बिपिन चंद्रा

– आधुनिक भारत के निर्माता – बिपिन चंद्रा

– भारत का इतिहास – रामचंद्र गुहा

2. भारतीय कला और संस्कृति- नितिन सिंघानिया

3. भूगोल:

– भारत का भूगोल – माजिद हुसैन

– भारतीय भूगोल – खुलबीर सिंह

4. राजनीति विज्ञान:

– भारतीय राजनीति – लक्ष्मीकान्त

– भारतीय संविधान और शासन – एम. लक्ष्मीकान्त

– संविधान की दृष्टि से – एन. डी. बसु

5. अर्थशास्त्र:

– भारतीय अर्थव्यवस्था – रमेश सिंह

– आर्थिक सर्वेक्षण” रटनल चंद्र गहलोत।

6. विज्ञान और प्रौद्योगिकी:

– सामान्य विज्ञान – अरिहंत प्रकाशन

– विज्ञान और तकनीकी – आर. एस. शर्मा

7. सामान्य हिंदी और संस्कृति:

– सामान्य हिंदी: लक्ष्मीकांत सिंघ

– कला और संस्कृति: नितिन सिंघानिया

8. नीति और गवर्नेंस:

– नीति, गवर्नेंस और नगरीय प्रशासन – एम. लक्ष्मीकांत

– सामान्य प्रशासनिक दृष्टि – एन. डी. बसु

9. सामान्य विज्ञान:

– सामान्य विज्ञान (NCERT कक्षा 6 से 10 तक की किताबें)

10. सामान्य ज्ञान:

– मासिक पत्रिकाएँ और न्यूज़लेटर

– लुसेंट सामान्य ज्ञान

11. करंट अफेयर्स: विजन मंथली करेंट अफेयर्स

यह केवल कुछ प्रमुख पुस्तकें हैं और आपकी तैयारी के अनुसार आप अन्य संदर्भ पुस्तकों का भी उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, संघ लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सिलेबस को ध्यान से देखें और सूचना स्रोतों का भी उपयोग करें।

याद रखें कि प्रदान की गई सूची संपूर्ण नहीं है, और एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों सहित अतिरिक्त स्रोतों का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।

यूपीएससी क्लियर करने के लिए शीर्ष अनुशंसित पुस्तकों का विवरण-

1. एम. लक्ष्मीकांत द्वारा भारतीय राजनीति: यह पुस्तक भारतीय राजनीतिक व्यवस्था, संविधान, शासन और संबंधित विषयों को शामिल करती है।

2. बिपिन चंद्र द्वारा आधुनिक भारत का इतिहास: यह 18वीं शताब्दी के मध्य से लेकर वर्तमान तक भारत के आधुनिक इतिहास का व्यापक अवलोकन प्रदान करता है।

3. बिपिन चंद्रा द्वारा स्वतंत्रता के लिए भारत का संघर्ष: यह पुस्तक भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल घटनाओं, व्यक्तित्वों और विचारधाराओं का विस्तृत विवरण प्रदान करती है।

4. स्पेक्ट्रम द्वारा आधुनिक भारत का एक संक्षिप्त इतिहास: यह आधुनिक भारतीय इतिहास का एक संक्षिप्त अवलोकन प्रदान करता है, जो इसे त्वरित संशोधन के लिए उपयोगी बनाता है।

5. भारतीय कला और संस्कृति नितिन सिंघानिया द्वारा: यह पुस्तक भारतीय कला, संस्कृति और विरासत को कवर करती है, जिसमें वास्तुकला, संगीत, नृत्य और त्यौहार जैसे विषय शामिल हैं।

6. माजिद हुसैन द्वारा भारत का भूगोल: यह प्रासंगिक मानचित्रों और आरेखों के साथ भारत के भौतिक और मानव भूगोल दोनों को शामिल करता है।

7. सर्टिफिकेट फिजिकल एंड ह्यूमन ज्योग्राफी बाय जी.सी. लियोंग: यह भौतिक और मानव भूगोल की बुनियादी अवधारणाओं को समझने के लिए एक लोकप्रिय पुस्तक है, जिसमें भू-आकृति, जलवायु, कृषि और जनसंख्या जैसे विषयों को शामिल किया गया है।

8. ऑक्सफोर्ड स्कूल एटलस: यूपीएससी की तैयारी के लिए एक अच्छा एटलस आवश्यक है, और ऑक्सफोर्ड स्कूल एटलस भारतीय और विश्व भूगोल का व्यापक कवरेज प्रदान करता है।

9. भारतीय अर्थव्यवस्था रमेश सिंह द्वारा: इस पुस्तक में भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है, जिसमें आर्थिक सिद्धांत, नीतियां और वर्तमान मुद्दे शामिल हैं।

10. रामचंद्र गुहा द्वारा गांधी के बाद का भारत: यह 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद भारत के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक विकास का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है।

11. सुब्बा राव और पी.एन. रॉय चौधरी द्वारा नैतिकता, अखंडता और योग्यता : यह नैतिक सिद्धांतों, मामले के अध्ययन और शासन और लोक प्रशासन में नैतिकता के अनुप्रयोग पर केंद्रित है।

12. करंट अफेयर्स पत्रिकाएँ: पुस्तकों के अलावा, योजना, कुरुक्षेत्र और सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल जैसे समाचार पत्रों और पत्रिकाओं को नियमित रूप से पढ़ने से आपको करंट अफेयर्स से अपडेट रहने में मदद मिल सकती है।

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